
कभी किसी और वजह से, जैसे पेट की तकलीफ़ या रूटीन चेक-अप में, अल्ट्रासाउंड होता है और रिपोर्ट में लिखा आता है: "किडनी में सिस्ट" या "किडनी में मास"। घबराहट स्वाभाविक है। लेकिन यह बहुत आम बात है, और ज़्यादातर किडनी सिस्ट नुक़सानदेह नहीं होते। ज़रूरी यह है कि सही स्कैन से पता चले कि यह साधारण सिस्ट है या ऐसी चीज़ जिस पर ध्यान देना है।
इस लेख में बताया गया है कि सिस्ट और ठोस गाँठ में क्या फ़र्क़ है, आमतौर पर अगला स्कैन कौन-सा होता है, और विकल्प कैसे तय होते हैं।
सिस्ट या ठोस गाँठ?
- सिस्ट पानी भरी थैली होती है। साधारण सिस्ट उम्र के साथ आम हो जाते हैं, शायद ही कभी तकलीफ़ करते हैं और लगभग कभी इलाज की ज़रूरत नहीं पड़ती।
- ठोस गाँठ (मास) तरल नहीं, ऊतक (टिशू) से बनी होती है। कुछ ठोस गाँठें बेनाइन (कैंसर-रहित) होती हैं, और कुछ किडनी कैंसर होती हैं।
- जटिल (कॉम्प्लेक्स) सिस्ट वह सिस्ट है जिसकी दीवार मोटी हो, जिसमें पर्दे हों या ठोस हिस्से हों। इसे ज़्यादा ध्यान से देखना पड़ता है।
अल्ट्रासाउंड पहला अच्छा टेस्ट है, पर वह हमेशा इनमें फ़र्क़ नहीं बता पाता। इसीलिए आमतौर पर दूसरा स्कैन कराने की सलाह दी जाती है।
अगला टेस्ट
आमतौर पर अगला कदम किडनी का कॉन्ट्रास्ट CT स्कैन होता है, या कॉन्ट्रास्ट सही न हो तो MRI। पहले किडनी की ख़ून की जाँच (क्रिएटिनिन) देखी जाती है। कभी-कभी कॉन्ट्रास्ट अल्ट्रासाउंड भी किया जाता है।
इन स्कैन में दिखे सिस्ट को बॉसनियाक (Bosniak) ग्रेड दिया जाता है:
| ग्रेड | मतलब | आमतौर पर सलाह |
|---|---|---|
| I और II | साधारण या बहुत हल्के जटिल सिस्ट, कैंसर-रहित | इलाज नहीं, आमतौर पर फ़ॉलो-अप भी नहीं |
| IIF | थोड़ा ज़्यादा जटिल | कुछ सालों तक स्कैन दोहराना |
| III | मोटी दीवार या पर्दे, कैंसर की असली संभावना | सर्जरी या नज़दीकी फ़ॉलो-अप, हर मरीज़ के हिसाब से |
| IV | ठोस हिस्से जो कॉन्ट्रास्ट पकड़ते हैं | कैंसर की संभावना ज़्यादा, आमतौर पर इलाज की सलाह |
अगर गाँठ ठोस है
ठोस गाँठ मिलने पर स्कैन में उसका आकार, जगह, उसकी विशेषताएँ, और यह देखा जाता है कि वह किडनी के बाहर तो नहीं फैली। किडनी की बायोप्सी हर गाँठ में ज़रूरी नहीं होती। जब उसके नतीजे से योजना बदल सकती हो, जैसे बुज़ुर्ग मरीज़ में निगरानी का सोच रहे हों, तब कभी-कभी की जाती है। कुछ ठोस गाँठें बेनाइन निकलती हैं, जैसे एंजियोमायोलिपोमा या ओंकोसाइटोमा, पर स्कैन हमेशा इन्हें कैंसर से अलग नहीं कर पाते।
पक्के या संभावित किडनी कैंसर में विकल्प गाँठ के आकार, जगह और मरीज़ की सेहत पर निर्भर करते हैं:
- निगरानी: छोटी गाँठों में, ख़ासकर बुज़ुर्ग या दूसरी बीमारियों वाले मरीज़ों में, नियमित स्कैन के साथ।
- पार्शियल नेफ्रेक्टॉमी: सिर्फ़ गाँठ निकालकर बाक़ी किडनी बचाना, अक्सर रोबोटिक सर्जरी से। देखें पार्शियल बनाम रेडिकल नेफ्रेक्टॉमी।
- रेडिकल नेफ्रेक्टॉमी: गाँठ बड़ी हो या किडनी बचाई न जा सके तो पूरी किडनी निकालना।
- एब्लेशन: चुने हुए मरीज़ों में गाँठ को ठंडा या गर्म करके नष्ट करना।
ऐसे लक्षण जिन्हें टालना नहीं चाहिए
ज़्यादातर किडनी की गाँठों में कोई लक्षण नहीं होता। ये होने पर जल्दी यूरोलॉजिस्ट को दिखाएँ:
- पेशाब में ख़ून, एक बार भी। देखें पेशाब में ख़ून।
- बग़ल या पीठ में लगातार दर्द
- पेट में गाँठ महसूस होना
- बिना वजह वज़न घटना, थकान या बुख़ार
परामर्श में क्या लेकर आएँ
- अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट, और हो सके तो इमेज
- कोई भी CT या MRI और उसकी रिपोर्ट
- हाल की ख़ून की जाँचें, किडनी की जाँच समेत
- अपनी दवाओं और पुरानी बीमारियों की सूची, जैसे हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़
- किडनी के पुराने स्कैन, ताकि गाँठ के बढ़ने की तुलना हो सके
यह लेख EAU रीनल सेल कार्सिनोमा गाइडलाइन और लोकलाइज़्ड रीनल मास के प्रबंधन पर AUA गाइडलाइन के अनुरूप है।
परामर्श
यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट और रोबोटिक सर्जन डॉ. अंशुमान सिंह सोमवार से शुक्रवार यूरो-ऑन्कोलॉजी OPD, चंदन हॉस्पिटल (सुबह 10 – शाम 4) और Uro-Onco Connect, गोमती नगर (शाम 6 – रात 9) में मरीज़ देखते हैं, और वीडियो परामर्श भी देते हैं। रिपोर्ट और स्कैन पहले से भेजे जा सकते हैं। परामर्श बुक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या किडनी का सिस्ट ख़तरनाक होता है?
साधारण किडनी सिस्ट बहुत आम हैं और लगभग कभी ख़तरनाक नहीं होते। कॉन्ट्रास्ट स्कैन से पक्का हो सकता है कि सिस्ट साधारण है।
क्या किडनी का सिस्ट कैंसर बन सकता है?
साधारण सिस्ट कैंसर में नहीं बदलते। जटिल सिस्ट वे हैं जिनमें फ़ॉलो-अप या इलाज की ज़रूरत पड़ती है।
क्या सिर्फ़ अल्ट्रासाउंड से पता चल सकता है कि किडनी की गाँठ कैंसर है?
नहीं। अल्ट्रासाउंड बताता है कि कुछ है, पर वह क्या है, यह जानने के लिए आमतौर पर कॉन्ट्रास्ट CT या MRI चाहिए।
क्या किडनी की हर गाँठ की सर्जरी करनी पड़ती है?
नहीं। कुछ मरीज़ों में छोटी गाँठों को नियमित स्कैन से देखते रह सकते हैं, और बहुत से सिस्ट को किसी इलाज की ज़रूरत नहीं होती।
अगर कोई लक्षण नहीं है तो क्या चिंता करनी चाहिए?
ज़रूरी नहीं। किडनी की कई गाँठें संयोग से दिखती हैं और कोई लक्षण नहीं करतीं। जाँच करा लेना सही अगला क़दम है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है; यह डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं है। हम सामग्री कैसे लिखते और जाँचते हैं।